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ज़्यादातर लोगों की watchlist एक कबाड़खाना बन जाती है। किसी दोस्त ने नाम बताया, जुड़ गया। किसी वीडियो में दिखा, जुड़ गया। छह महीने बाद सूची में 200 स्टॉक हैं और एक का भी कारण याद नहीं।
ऐसी सूची कुछ नहीं करती, बस आपका ध्यान बांट देती है। अच्छी watchlist एक छोटी, साफ़ और लगातार साफ़ की जाने वाली सूची होती है, जिसमें हर नाम के साथ एक कारण, एक trigger और एक समाप्ति-तारीख जुड़ी होती है। इस पोस्ट में हम 3 स्तर की watchlist बनाएंगे, Kite पर उसे step-by-step सेट करेंगे, और उसे रोज़-हफ़्ते-तिमाही के हिसाब से साफ़ रखना सीखेंगे।
| Key Takeaways Watchlist पसंदीदा नामों की सूची नहीं, आपके फ़ैसलों की कतार है। हर नाम का कारण, trigger और समाप्ति-तारीख होनी चाहिए।3 स्तर रखिए: Active (आज-कल के trigger वाले), Near (setup बन रहा है) और Radar (शोध की सूची)।हर स्तर की संख्या सीमित रखिए। शुरुआती लोगों के लिए कुल 20 से 30 नाम काफ़ी हैं।Kite पर आप 25 watchlists बना सकते हैं और हर में 250 instruments तक रख सकते हैं, पर सीमा भरना मकसद नहीं है।रोज़ सिर्फ़ Active स्तर देखिए, हफ़्ते में एक बार पूरी सूची की समीक्षा कीजिए और तिमाही में नतीजों के बाद सफ़ाई।जिस नाम का कारण याद न आए, उसे तुरंत हटा दीजिए। |
| सीधा जवाब तीन watchlist बनाइए: A-Active (3 से 8 नाम, जिनका trigger पास है), B-Near (5 से 15 नाम, जहां setup बन रहा है) और C-Radar (15 से 30 नाम, screen और शोध से आए)। हर नाम के लिए एक “एंट्री कार्ड” लिखिए: कारण, trigger, stop-loss और समीक्षा की तारीख। फिर हर हफ़्ते नामों को ऊपर-नीचे कीजिए या हटाइए। |
Watchlist बिगड़ती क्यों है
- कोई नियम नहीं कि नाम कब जुड़ेगा और कब हटेगा, इसलिए जुड़ता ही जाता है।
- कारण दर्ज नहीं होता, इसलिए कुछ हफ़्तों बाद खुद को ही याद नहीं रहता।
- सबको एक बराबर देखा जाता है, जबकि कुछ नाम आज के हैं और कुछ छह महीने बाद के।
- सूची इतनी लंबी हो जाती है कि रोज़ देखना असंभव है, तो देखना ही बंद हो जाता है।
इन चारों का इलाज एक ही है: structure और सफ़ाई का नियम।
3 स्तर की Watchlist
यह ढांचा मेरा सुझाया हुआ है, कोई सरकारी या स्थापित नियम नहीं। संख्याएं शुरुआती बिंदु हैं और आप अपने समय के अनुसार बदल सकते हैं।
| स्तर | कितने नाम | शर्त | कब देखें | कब हटाएं |
| A — Active | 3 से 8 | Trigger कीमत के पास है और stop-loss तय है | रोज़ (Pre-Market Routine में) | Trigger लगे तो trade-सूची में, या setup टूटे तो हटाएं |
| B — Near | 5 से 15 | चार्ट पर setup बन रहा है, पर trigger अभी दूर | हफ़्ते में 2 से 3 बार | 30 दिन में trigger न आए तो हटाएं या C में भेजें |
| C — Radar | 15 से 30 | Screen या शोध से आए, fundamentals ठीक, चार्ट अभी तैयार नहीं | हफ़्ते में एक बार | कारण कमज़ोर पड़े या नतीजे बिगड़ें तो हटाएं |
नाम C से B और फिर A की तरफ़ चढ़ते हैं और A से या तो trade में जाते हैं या बाहर निकलते हैं। यह एक कतार है, जमा करने का गोदाम नहीं।
हर नाम का “एंट्री कार्ड”
हर स्टॉक जोड़ते वक़्त पांच बातें लिख लीजिए। अगर इन्हें लिखने में एक मिनट से ज़्यादा लगे, तो स्टॉक अभी जोड़ने लायक़ नहीं है।
| क्या लिखें | उदाहरण |
| 1. क्यों जोड़ा (एक पंक्ति) | Screen 1 में आया; 5 साल में मुनाफ़ा लगातार बढ़ा |
| 2. जोड़ने की तारीख | 5 नवंबर |
| 3. Trigger (कब कार्रवाई) | ₹520 के ऊपर बंद हो, यानी 20 दिन के high के ऊपर |
| 4. Stop-loss या अमान्य होने की शर्त | ₹492 के नीचे बंद हो तो setup ख़त्म |
| 5. समीक्षा की अंतिम तारीख | 5 दिसंबर (30 दिन बाद) |
यह कार्ड आप Google Sheet में रखिए, जिसमें ये कॉलम हों: स्टॉक, स्तर (A/B/C), जोड़ने की तारीख, कारण, trigger, stop-loss, समीक्षा की तारीख, स्थिति। Watchlist का ऐप सिर्फ़ “क्या दिखाना है” संभालता है, कारण का रिकॉर्ड यह Sheet रखती है।
Kite पर Watchlist Setup — Click by Click
नीचे की जानकारी Zerodha के अपने support-पेज और जून 2025 के अपडेट के अनुसार है। मेन्यू के नाम समय के साथ थोड़े बदल सकते हैं।
- स्टेप 1: Kite की वेबसाइट पर लॉगिन कीजिए। बाईं तरफ़ आपकी watchlist (MarketWatch) दिखेगी।
- स्टेप 2: नई watchlist बनाने के लिए Create/Manage आइकन दबाइए या कीबोर्ड पर CTRL + Shift + K दबाइए।
- स्टेप 3: तीन watchlists बनाइए और नाम दीजिए: “A-Active”, “B-Near” और “C-Radar”।
- स्टेप 4: ऊपर सर्च बॉक्स में स्टॉक का नाम लिखकर उसे जोड़िए।
- स्टेप 5: एक watchlist के भीतर Groups बना सकते हैं। हर group को नाम और रंग दे सकते हैं, जैसे सेक्टर के अनुसार।
- स्टेप 6: ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली watchlist को Favourites में खींचकर रखिए। ऐसी 7 watchlists तक नीचे के अंकित tabs पर पिन होती हैं।
- स्टेप 7: किसी group में More > Sort से नामों को % बदलाव, कीमत, वर्णमाला या exchange के हिसाब से क्रम में लगाइए।
- स्टेप 8: Settings में कीमत का बदलाव, holdings और notes जैसी चीज़ें दिखाने या छुपाने के विकल्प हैं। सादगी के लिए कम से कम चीज़ें दिखाइए।
| सीमा जो आपको जाननी चाहिए Zerodha के अनुसार Kite पर आप 25 watchlists बना सकते हैं और हर watchlist में 250 instruments तक रख सकते हैं (पहले यह 7 और 100 थी)। जून 2025 की एक टिप्पणी में बताया गया था कि 25 की सीमा तब वेब पर थी और मोबाइल ऐप में आना बाकी था, इसलिए मोबाइल पर अपनी सीमा खुद देख लीजिए। ध्यान रहे, 250 की सीमा भरने का कोई फ़ायदा नहीं। इस पोस्ट की सलाह 20 से 30 नामों की है। |
अगर आप दूसरे प्लेटफ़ॉर्म पर हैं तो वही तीन नाम और वही नियम लागू होते हैं। TradingView पर भी कई watchlists बनती हैं, पर उनकी सीमाएं आपके plan पर निर्भर करती हैं, इसलिए अपने खाते में देख लीजिए। Screener.in के free खाते में एक तुलना-लेख के अनुसार लगभग 50 कंपनियां “follow” की जा सकती हैं। यह Radar स्तर के लिए अच्छा सहायक है।
Watchlist को Maintain कैसे करें — रोज़, हफ़्ता, तिमाही
| कब | कितना समय | क्या करें |
| रोज़ सुबह | 2 से 3 मिनट | सिर्फ़ A-Active देखिए। किसी का trigger या stop-loss पास आया? आज की योजना में शामिल कीजिए |
| हफ़्ते में 2-3 बार | 5 मिनट | B-Near देखिए। कोई trigger के पास पहुंचा तो A में ले जाइए |
| रविवार | 20 मिनट | पूरी सूची की समीक्षा: ऊपर-नीचे कीजिए, 30 दिन पुराने नाम हटाइए, नए नाम C में जोड़िए |
| तिमाही (नतीजों के बाद) | 1 घंटा | Screen दोबारा चलाइए, नतीजे बिगड़ने वाले नाम हटाइए, C की सूची ताज़ा कीजिए |
हटाने के चार स्पष्ट नियम रखिए। इनमें से कोई भी लागू हो तो नाम हटाइए:
- 30 दिन में trigger नहीं आया और setup कमज़ोर पड़ गया।
- Stop-loss या अमान्य होने की शर्त टूट गई।
- नतीजों या ख़बर के बाद fundamentals बिगड़ गए।
- आपको याद नहीं कि इसे क्यों जोड़ा था।
हटाया हुआ नाम हमेशा के लिए बाहर नहीं होता। हटाने की वजह Sheet में लिख दीजिए। अगर नाम दोबारा चर्चा में आए, तो आप पुरानी वजह देखकर फ़ैसला करेंगे, भावना में बहकर नहीं।
Real Worked Example — एक महीने की Watchlist का सफ़र
| ध्यान दें नीचे के सारे नाम और आंकड़े समझाने के लिए बनाए गए काल्पनिक हैं। ये किसी असली स्टॉक की सिफ़ारिश नहीं हैं। |
स्टेप 1 — शुरुआत। मान लीजिए आपने Screener में एक query चलाई और 40 नाम आए। हाथ से जांच (5 साल की रिपोर्ट, cash flow, promoter) के बाद 24 नाम बचे। आपने उन्हें तीन स्तर में बांटा: A में 3, B में 7, C में 14।
स्टेप 2 — चार हफ़्ते का हिसाब। हर रविवार की समीक्षा के बाद सूची ऐसी रही:
| समय | क्या हुआ | A | B | C | कुल |
| शुरुआत | 40 में से 24 चुने | 3 | 7 | 14 | 24 |
| हफ़्ता 1 | A का 1 नाम trigger लगने पर trade-सूची में गया; B से 1 नाम A में आया; C के 2 नाम बिना कारण हटे; screen से 1 नया नाम C में जुड़ा | 3 | 6 | 13 | 22 |
| हफ़्ता 2 | A का 1 नाम stop-loss टूटने से हटा; B से 1 नाम A में आया; C से 1 नाम B में आया | 3 | 6 | 12 | 21 |
| हफ़्ता 3 | नतीजों के मौसम में C के 3 नाम कमज़ोर नतीजों से हटे; B का 1 नाम 30 दिन में trigger न आने से हटा | 3 | 5 | 9 | 17 |
| हफ़्ता 4 | तिमाही की समीक्षा में screen दोबारा चलाकर 4 नए नाम C में जोड़े | 3 | 5 | 13 | 21 |
पूरे महीने सूची 17 से 24 के बीच रही। यह रोज़ देखी जा सकने वाली लंबाई है। अगर आपने कोई नियम न रखा होता, तो सिर्फ़ जोड़ते जाने से सूची 60 से 80 तक पहुंच जाती।
स्टेप 3 — एक Active नाम का हिसाब। मान लीजिए A में ABC Ltd (काल्पनिक) का एंट्री कार्ड है: trigger ₹520, stop-loss ₹492। आपकी पूंजी ₹2,00,000 है और हर trade में जोखिम 1%, यानी ₹2,000।
| माप | हिसाब | नतीजा |
| प्रति शेयर जोखिम | 520 − 492 | ₹28 |
| Quantity | 2,000 ÷ 28 = 71.4, नीचे की तरफ़ गोल | 71 शेयर |
| कुल जोखिम | 71 × 28 | ₹1,988 |
| Position का मूल्य | 71 × 520 | ₹36,920 |
| पूंजी का हिस्सा | 36,920 ÷ 2,00,000 | लगभग 18.5% |
स्टेप 4 — नतीजा। Trigger की कीमत और stop-loss पहले से लिखे होने के कारण आपको 9:15 पर सोचना नहीं पड़ता। Watchlist ने आपके लिए आधा काम पहले ही कर दिया। Position Sizing का पूरा तरीका उसकी अलग पोस्ट में है।
Watchlist के नतीजे को खुद परखिए
महीने के अंत में तीन सवाल पूछिए: (1) जो नाम A में पहुंचे, उनमें से कितनों में trigger आया? (2) जो trade हुए, उनमें कितने योजना के अनुसार थे? (3) कितने नाम बिना कारण जुड़े और बिना कारण हटे? तीसरे सवाल का आंकड़ा घटता जाए, तो आपकी watchlist सुधर रही है।
| Common गलतियां हर चर्चित नाम को तुरंत जोड़ लेना और कारण न लिखना।सूची की लंबाई की कोई सीमा न रखना।सभी नामों को एक बराबर रोज़ देखना।Trigger और stop-loss तय किए बिना नाम को A में रख देना।नतीजों के बाद सूची की सफ़ाई न करना।हटाए गए नाम का कारण न लिखना, और फिर वही नाम दोबारा जोड़ लेना।Watchlist की सारी चीज़ें ऐप के भरोसे छोड़ देना और अपना अलग रिकॉर्ड न रखना। |
Quick Glossary
Watchlist — नज़र में रखे जाने वाले स्टॉक की चुनी हुई सूची।
Trigger — वह कीमत या स्थिति जिस पर आप कार्रवाई करने की योजना बनाते हैं।
Stop-loss — वह कीमत जिस पर नुकसान सीमित करने के लिए आप बाहर निकलते हैं।
Setup — चार्ट पर बना वह ढांचा जो आपके नियम के हिसाब से trade के लायक है।
Radar — शोध-स्तर की वह सूची जिसमें स्टॉक अभी trade से दूर हैं।
Favourites (Kite) — ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली watchlists को नीचे के tabs पर पिन करने की सुविधा।
Invalidation — वह स्थिति जिसके आने पर आपका setup या कारण ग़लत साबित हो जाता है।
Review Date — वह तारीख जब तक आप नाम पर फ़ैसला लेंगे, वरना हटा देंगे।
| Investor Tip नियम बनाइए कि नया नाम तभी जुड़ेगा जब कोई पुराना नाम बाहर जाए। इस एक नियम से सूची अपने आप छोटी और ताज़ा रहती है। |
अपनी Watchlist के लिए प्लेटफ़ॉर्म
अगर आप अभी खाता चुन रहे हैं, तो Watchlist, alerts और चार्ट जैसी सुविधाओं की तुलना इन प्लेटफ़ॉर्म पर करके देखिए: Zerodha, Groww और Angel One। ये affiliate links हैं। इनसे खाता खोलने पर हमें कमीशन मिल सकता है, आपको कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता।
यह भी पढ़ें: Stock Screener कैसे Setup करें — 5 Starter Screens | Pre-Market Routine — रोज़ 20 मिनट में क्या देखें | Position Sizing — एक Trade में कितना पैसा लगाएं | Trading Journal कैसे बनाएं (Free Template)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Watchlist क्या होती है?
स्टॉक की वह चुनी हुई सूची जिसे आप नज़र में रखते हैं, ताकि सही समय पर कार्रवाई कर सकें। अच्छी watchlist में हर नाम के साथ कारण, trigger और समीक्षा की तारीख जुड़ी होती है।
Watchlist में कितने स्टॉक रखने चाहिए?
कोई एक तय संख्या नहीं है, पर शुरुआती लोगों के लिए कुल 20 से 30 नाम काफ़ी हैं। इस पोस्ट के ढांचे में Active के 3 से 8, Near के 5 से 15 और Radar के 15 से 30 नाम सुझाए गए हैं। ज़्यादा नाम होने पर रोज़ देखना मुश्किल हो जाता है।
Kite पर कितनी watchlists बना सकते हैं?
Zerodha के अनुसार 25 watchlists तक, और हर में 250 instruments तक। जून 2025 की एक टिप्पणी में बताया गया था कि 25 की सीमा तब वेब पर थी और मोबाइल पर आनी बाकी थी, इसलिए अपने मोबाइल ऐप में खुद जांच लीजिए।
Watchlist में स्टॉक कैसे चुनें?
Screener से या अपने शोध से। हर नाम के लिए एक पंक्ति में कारण लिख सकें तभी जोड़िए। Screener कैसे सेट करें, इसकी अलग पोस्ट है।
स्टॉक को watchlist से कब हटाना चाहिए?
जब 30 दिन में trigger न आए और setup कमज़ोर पड़ जाए, stop-loss या अमान्य होने की शर्त टूट जाए, नतीजों के बाद fundamentals बिगड़ जाएं, या आपको याद ही न रहे कि इसे क्यों जोड़ा था।
Screener.in में कितनी कंपनियां follow कर सकते हैं?
एक तुलना-लेख के अनुसार free खाते में लगभग 50 कंपनियां, और premium में असीमित। सीमाएं बदल सकती हैं, इसलिए साइट पर मौजूदा शर्तें देखिए।
क्या Watchlist में price alert लगाने चाहिए?
हां, Active और Near स्तर के नामों पर trigger और stop-loss की कीमत पर alert लगाना अच्छी आदत है। ज़्यादातर प्लेटफ़ॉर्म पर यह सुविधा होती है, पर उसके नियम और सीमाएं अपने ब्रोकर में देखिए।
क्या अच्छी watchlist से कमाई पक्की हो जाती है?
नहीं। Watchlist सिर्फ़ आपका ध्यान और तैयारी व्यवस्थित करती है। बाज़ार में नुकसान का जोखिम हमेशा रहता है, और हर फ़ैसला आपके नियमों और जोखिम-सीमा के अनुसार होना चाहिए।
| SEBI Disclaimer यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है, यह निवेश या trading की सलाह नहीं है। उदाहरण के सारे नाम और आंकड़े काल्पनिक हैं, किसी स्टॉक की खरीद या बिक्री की सिफ़ारिश नहीं। प्लेटफ़ॉर्म की सुविधाएं और सीमाएं बदलती रहती हैं। शेयर बाज़ार में पूंजी डूबने का जोखिम है। कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी स्थिति के अनुसार SEBI-registered सलाहकार से परामर्श लें। |
लेखिका के बारे में
सारिता मिश्रा stockmarketpro.co.in पर हिंदी में शेयर बाज़ार, ट्रेडिंग और पर्सनल फ़ाइनेंस की शैक्षणिक सामग्री लिखती हैं। मकसद है जटिल बातों को असली उदाहरणों और आसान भाषा में समझाना।