Option Selling को लेकर एक आम धारणा है कि ‘ज्यादातर लोग जो Options बेचते हैं, वे नुकसान में रहते हैं।’ लेकिन SEBI के अपने आंकड़े असल में इसके उलट तस्वीर दिखाते हैं। इस article में हम बिना किसी काल्पनिक दावे के, सिर्फ SEBI के प्रकाशित अध्ययनों के आधार पर समझेंगे कि असली नुकसान कहां हो रहा है, और Option Selling का असली खतरा क्या है — भले ही ज्यादातर Sellers का औसत प्रदर्शन बेहतर क्यों न रहा हो।
| Key Takeaways SEBI के अध्ययनों के अनुसार, भारत में करीब 97% Retail F&O Traders मुख्य रूप से Option Buyers हैं, सिर्फ करीब 2% मुख्य रूप से Option Sellersहाल के SEBI अध्ययन में Option Sellers ही एकमात्र समूह थे जिनका median return positive रहाफिर भी Option Selling का असली खतरा बना रहता है — फायदा हमेशा Premium तक सीमित, लेकिन नुकसान theoretically असीमित हो सकता हैएक बड़ा उल्टा move, बिना Hedge या Stop Loss के, महीनों की जमा हुई Premium income को एक ही दिन में मिटा सकता हैMargin Call और मजबूरन Square-off, Option Selling से जुड़ा एक practical खतरा है जो सीधे Option Buying में नहीं होता |
| सीधा जवाब SEBI के हाल के आंकड़ों के अनुसार, भारत में ज्यादातर losses असल में Option Buying से आती हैं — Option Sellers का औसत प्रदर्शन बेहतर रहा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि Option Selling सुरक्षित है। इसका असली खतरा अलग तरह का है — फायदा हमेशा Premium तक सीमित रहता है, जबकि किसी बड़े उल्टे move में नुकसान theoretically असीमित हो सकता है। यही असंतुलन (Asymmetric Risk) है जो कभी-कभी बरसों की कमाई को एक झटके में मिटा देता है। |
SEBI के आंकड़े क्या कहते हैं — भ्रम बनाम हकीकत
SEBI ने अलग-अलग वर्षों में Individual F&O Traders के नतीजों पर कई अध्ययन प्रकाशित किए हैं। नीचे उनका सार दिया गया है:
| अध्ययन/वर्ष | नुकसान में रहे Traders | कुल Net नुकसान |
| जनवरी 2023 (FY19 व FY22) | करीब 9 में से 10 (89-90%) | अलग से नहीं बताया गया |
| सितंबर 2024 (FY22–FY24) | 93% | ₹1.8 लाख करोड़ (3 साल), अकेले FY24 में ₹75,000 करोड़ |
| जुलाई 2025 (FY25) | 91% | ₹1,05,603 करोड़ (FY24 से 41% ज्यादा) |
| नवीनतम अध्ययन (FY26) | 87.7% | ₹91,685 करोड़ |
इन्हीं अध्ययनों में SEBI ने यह भी बताया कि करीब 97% Individual Traders मुख्य रूप से Options खरीदने (Buying) की strategy अपनाते हैं, जबकि सिर्फ करीब 2% मुख्य रूप से Options बेचने (Selling) की। कुल aggregate losses में से करीब 92% हिस्सा सिर्फ Options Trading से आया — और Option Sellers, नवीनतम अध्ययन में एकमात्र समूह थे जिनका median return positive रहा।
तो फिर Option Selling में खतरा कहां है?
यहीं पर Option Buying और Option Selling का risk profile बिल्कुल उल्टा हो जाता है। यह फर्क समझना जरूरी है, क्योंकि ‘औसतन बेहतर’ होने का मतलब ‘हमेशा सुरक्षित’ नहीं होता।
| पहलू | Option Buyer | Option Seller (Writer) |
| अधिकतम फायदा | बड़ा या असीमित हो सकता है | सीमित — सिर्फ मिला हुआ Premium |
| अधिकतम नुकसान | सीमित — सिर्फ चुकाया गया Premium | बड़ा या असीमित हो सकता है |
| समय का असर (Theta) | नुकसानदायक | फायदेमंद |
| सामान्य दिनों में नतीजा | ज्यादातर trades छोटे नुकसान में expire | ज्यादातर trades छोटे फायदे में expire |
| असली खतरा कब आता है | हर trade पर नुकसान सीमित रहता है | किसी एक बड़े extreme move में |
मतलब यह कि Option Selling में ज्यादातर दिन छोटी-छोटी जीत मिलती रहती है, जिससे भरोसा बढ़ता जाता है — लेकिन एक अप्रत्याशित बड़ा move इन सारी छोटी जीतों को एक झटके में उलट सकता है।
Real Worked Example — एक अच्छे Track Record को एक Trade कैसे मिटा सकता है
ध्यान दें: यह एक illustrative (काल्पनिक) उदाहरण है, ऊपर दिए गए SEBI आंकड़ों से अलग, सिर्फ Asymmetric Risk को समझाने के लिए। मान लीजिए एक trader हर हफ्ते एक OTM Put बेचता है और औसतन ₹3,000 Premium कमाता है।
| अवधि | क्या हुआ | नतीजा |
| 44 हफ्ते (करीब 10 महीने) | हर हफ्ते Put बेकार expire, Premium मिलता रहा | +₹3,000 × 44 = +₹1,32,000 |
| 1 अप्रत्याशित हफ्ता | बड़ा गैप-डाउन move, बिना Stop Loss के position | −₹4,50,000 |
| कुल 12 महीनों का नतीजा | 44 छोटी जीत + 1 बड़ी हार | ₹1,32,000 − ₹4,50,000 = −₹3,18,000 |
44 हफ्तों की मेहनत सिर्फ एक हफ्ते में न सिर्फ बेकार गई, बल्कि उससे भी बड़ा नुकसान हो गया। यही Option Selling का असली, structural खतरा है — occasional नुकसान नहीं, बल्कि rare लेकिन बहुत बड़े नुकसान की संभावना।
Margin Call — Option Selling का Practical खतरा
Option बेचने के लिए Broker के पास एक तय Margin रखनी पड़ती है। जैसे ही बाजार आपकी position के खिलाफ तेजी से चलता है, Mark-to-Market (MTM) नुकसान की वजह से जरूरी Margin बढ़ जाती है। अगर आप समय पर अतिरिक्त Margin नहीं डालते, तो Broker आपकी position को अपने आप, अक्सर सबसे खराब कीमत पर, Square-off कर देता है — भले ही आपको लगता हो कि कीमत वापस आ जाएगी। यह Forced Square-off, कागज़ पर दिख रहे नुकसान को असली, पक्के नुकसान में बदल देता है।
तो क्या इसका मतलब Option Selling नहीं करनी चाहिए?
जरूरी नहीं। SEBI के आंकड़े यही दिखाते हैं कि सोच-समझकर की गई Option Selling, बेतरतीब Option Buying से बेहतर नतीजे दे सकती है। असली सलाह ‘Selling मत करो’ नहीं, बल्कि ‘Naked Selling की जगह Defined-Risk तरीके से Selling करो’ है।
| तरीका | अधिकतम नुकसान | Margin जरूरत |
| Naked (बिना Hedge) Selling | Theoretically असीमित | बहुत ज्यादा |
| Covered Call (Stock के साथ) | स्टॉक की गिरावट जितना, Premium से थोड़ा कम | मौजूदा Stock के अलावा अतिरिक्त कम |
| Spread के जरिए Selling (जैसे Bull Call Spread) | दोनों Strikes के बीच के अंतर तक सीमित | Naked से काफी कम |
हमारे Covered Call और Bull Call Spread वाले articles में यही defined-risk तरीके विस्तार से समझाए गए हैं।
Common गलतियां
| इन गलतियों से बचें बिना Stop Loss या Hedge के Naked Option बेचनाMargin में सिर्फ न्यूनतम रकम रखना, कोई अतिरिक्त buffer न रखनाबड़े events (Budget, Election, Results) से पहले बिना Hedge के Selling करना’अभी तक तो फायदे में हूं’ सोचकर धीरे-धीरे Position Size बढ़ाते जानाOption Selling को एक ‘लगभग गारंटीड’ income समझ लेना, जबकि tail risk हमेशा मौजूद रहता है |
Quick Glossary
Naked Selling — बिना किसी Hedge/Protection के Option बेचना
Margin Call — MTM नुकसान बढ़ने पर अतिरिक्त Margin जमा करने की मांग
MTM (Mark to Market) — मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से रोज calculate होने वाला फायदा/नुकसान
Forced Square-off — Margin कम पड़ने पर Broker द्वारा अपने आप position बंद करना
Tail Risk — बहुत कम संभावना लेकिन बहुत बड़े नुकसान वाली घटना का खतरा
Median Return — सभी traders के नतीजों को क्रम में रखने पर बीच वाला नतीजा
| Trader Tip अगर Option Selling करनी ही है, तो शुरुआत हमेशा Defined-Risk तरीकों (Covered Call, Spreads) से करें, Naked Selling से नहीं। Expiry के करीब Gamma और Vega का खतरा सबसे ज्यादा होता है (हमारे Greeks article में समझाया गया है) — बड़े events से पहले Position Size घटाना समझदारी है। |
Options Trading के लिए Broker चुनें
साफ Margin जानकारी और तेज Order Execution के लिए एक भरोसेमंद broker platform जरूरी है।
Zerodha पर account खोलें: यहां क्लिक करें
Upstox पर account खोलें: यहां क्लिक करें
Angel One पर account खोलें: यहां क्लिक करें
यह भी पढ़ें: Covered Call Strategy — हिंदी में पूरी समझ, Bull Call Spread — कम Risk वाली Option Strategy, और Delta, Gamma, Theta, Vega — Option Greeks आसान भाषा में
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या SEBI के आंकड़े दिखाते हैं कि Option Selling करने वाले ज्यादा नुकसान में रहते हैं?
नहीं। SEBI के हाल के अध्ययन में Option Sellers ही एकमात्र समूह थे जिनका median return positive रहा — ज्यादातर नुकसान असल में Option Buying से आया।
भारत में कितने प्रतिशत Retail Traders Option Sellers हैं?
SEBI के अध्ययन के अनुसार करीब 97% Individual Traders मुख्य रूप से Options खरीदते हैं, सिर्फ करीब 2% मुख्य रूप से Options बेचते हैं।
Option Selling का असली खतरा क्या है अगर Sellers का औसत प्रदर्शन बेहतर है?
असली खतरा Asymmetric Risk है — फायदा हमेशा Premium तक सीमित रहता है, जबकि किसी एक बड़े उल्टे move में नुकसान theoretically असीमित हो सकता है।
Margin Call क्या है और यह Option Sellers को कैसे प्रभावित करता है?
बाजार position के खिलाफ चलने पर जरूरी Margin बढ़ जाती है, और समय पर न भरने पर Broker position को अपने आप, अक्सर खराब कीमत पर Square-off कर देता है।
क्या Option Selling कभी नहीं करनी चाहिए?
जरूरी नहीं। SEBI डेटा सोच-समझकर की गई Selling के पक्ष में भी संकेत देता है, लेकिन Naked Selling की जगह Defined-Risk तरीके (जैसे Covered Call, Spreads) अपनाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
Naked Selling और Hedged Selling में क्या फर्क है?
Naked Selling में कोई Protection नहीं होता और नुकसान असीमित हो सकता है, जबकि Hedged/Spread Selling में एक और Option या Stock Position नुकसान को एक तय सीमा तक बांध देती है।
FY26 में कुल कितना नुकसान हुआ Retail Traders को?
नवीनतम SEBI अध्ययन के अनुसार FY26 में करीब 87.7% Traders नुकसान में रहे, और कुल aggregate नुकसान लगभग ₹91,685 करोड़ रहा।
Option Buying ज्यादा नुकसानदायक क्यों साबित हो रही है SEBI के आंकड़ों में?
क्योंकि ज्यादातर Buyers सस्ते, बहुत दूर के (Far OTM) Options खरीदते हैं जो अक्सर बेकार expire हो जाते हैं, और Time Decay लगातार उनके खिलाफ काम करता है — इसी वजह से करीब 92% aggregate losses सिर्फ Options Trading से आते हैं।
| Disclaimer यह article केवल शिक्षा और जानकारी के उद्देश्य से है, यह कोई निवेश सलाह नहीं है। इसमें बताए गए SEBI आंकड़े प्रकाशित रिपोर्टों पर आधारित हैं, इन्हें हमेशा SEBI की official वेबसाइट से भी verify करें क्योंकि आगे के अध्ययनों में यह बदल सकते हैं। Options सहित F&O trading, और खासकर Option Selling, उच्च जोखिम वाला माना जाता है और इसमें पूरी पूंजी से भी ज्यादा नुकसान की संभावना होती है। कृपया कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने खुद के विश्लेषण करें या किसी SEBI-registered investment advisor से सलाह लें। |
लेखिका: सरिता मिश्रा (Sarita Mishra) फोटो: author photo link
4 thoughts on “Option Selling का असली खतरा — SEBI के आंकड़ों के साथ ईमानदार समझ”