Long-term vs Listing Gain: कौन सा बेहतर निवेश रणनीति है?
IPO investment में investor के सामने दो रास्ते होते हैं — listing gain और long-term holding। इस ब्लॉग में दोनों strategies के फायदे, नुकसान और comparison को आसान भाषा में समझाया गया है।
IPO investment में investor के सामने दो रास्ते होते हैं — listing gain और long-term holding। इस ब्लॉग में दोनों strategies के फायदे, नुकसान और comparison को आसान भाषा में समझाया गया है।
“हर नया IPO exciting लगता है, लेकिन पुराने IPOs की कहानी ही असली सीख देती है।” जब भी कोई नया IPO आता है, investors के मन में सवाल उठता है —“इसमें invest करना सही रहेगा या नहीं?” इसका सबसे अच्छा जवाब मिलता है Past IPOs की performance देखकर।पिछले IPOs का track record बताता है कि … Read more
“किसी IPO से जल्दी मुनाफा कमाना है? तो Listing Gain का खेल समझना ज़रूरी है।” शेयर बाज़ार में नए निवेशकों को सबसे ज़्यादा सुनने को मिलता है —“इस IPO ने तो listing पर ही 80% का return दे दिया!”या फिर“मुझे allotment मिला था, लेकिन listing पर बेचकर बढ़िया फायदा हुआ।” इस तरह के मुनाफे को … Read more
IPO Allotment Status से पता चलता है कि आपको शेयर अलॉट हुए हैं या नहीं। इसे Registrar, BSE वेबसाइट और broker apps पर कुछ ही मिनटों में चेक किया जा सकता है।
IPO Subscription Status बताता है कि किसी IPO की demand कितनी है। जानिए इसे BSE/NSE और brokers apps पर कैसे देखें और over-subscription व under-subscription का क्या मतलब होता है।
IPO का वैल्यूएशन कंपनी के शेयर की सही कीमत तय करने की प्रक्रिया है, जिसमें P/E, P/B, DCF और Peer Comparison जैसे तरीके शामिल होते हैं। इस इन्फोग्राफिक में आसान हिंदी में पूरी जानकारी दी गई है।
IPO में Retail Investors ₹2 लाख तक निवेश करते हैं, HNI उससे अधिक, और QIB बड़े संस्थान होते हैं। इस पोस्ट में जानिए तीनों का फर्क, allotment प्रक्रिया और उनकी भूमिका।
ASBA एक ऐसा सिस्टम है जिसमें IPO के लिए आवेदन करते वक्त आपके पैसे कटते नहीं, बल्कि सिर्फ ब्लॉक होते हैं। इस पोस्ट में जानिए ASBA का पूरा प्रोसेस, फायदे और जरूरी बातें।
Primary Market वह जगह है जहां कंपनी पहली बार पब्लिक से पूंजी जुटाती है। इस पोस्ट में जानिए कि IPO Primary Market का हिस्सा कैसे है, और इसमें निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखें।
IPO यानी पहली बार शेयर बाजार में कदम, जबकि FPO मतलब पहले से लिस्टेड कंपनी द्वारा दोबारा शेयर जारी करना। इस पोस्ट में जानिए दोनों का मतलब, अंतर, और निवेश के लिए सही विकल्प।